पर्यावरणीय-प्रदूषण से बचने के उपाय Measure to avoid Environmentalism Pollution
"प्रदूषण से क्या हानि है" इसके बारे में हमे निश्चित तौर पर जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि अक्सर हम प्रदूषण(pollution) को हल्के में लेने लगते है, जो सेहत केलिए हानिकारक है। जैसा कि हम सब जानते है कि दिल्ली प्रदूषण(Delhi pollution) का गढ़ बन गयी है और दिल्ली के प्रदूषण पर राजनीति भी जोर-शोर से रही है। प्रदूषण(pollution) को अगर सीधे शब्दो मे समझा जाये,तो इसका मतलब 'जहर' है। प्रदूषण एक ऐसा जहर है जो हवा में घुलकर सीधे हमारे फेफड़ो में पहुँच जाता है, और कई सारी बीमारियां (अस्थमा, उम्र घटना, बालो का गिरना) को जन्म देता है। प्रदूषण से बचना एक बड़ी चुनौती है। प्रदूषण से हम पूरी तरह से, तो नहीं बचा जा सकता है, क्योंकि हम इस वातावरण में ही रहते है और सांस भी वातावरण से ही लेते है। लेकिन कुछ उपायों के जरिये से काफी हद प्रदूषण(pollution) से बचा जा सकता है। आइए दोस्तो प्रदूषण से बचने के उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेते है......
मास्क का प्रयोग :- आज के दौर की बात करे तो मास्क हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। कोरोना काल के इस समय मे मास्क पहनाना जरूरत ही नही, बल्कि नियम बन चुका है। मास्क प्रदूषण को फेफड़ो तक कम-से-कम जाने देता है। प्रदूषण से बचने के लिए मास्क सस्ता और सुलभ तरीका है। प्रदूषण(pollution) से बचने के लिए N-95 मास्क का प्रयोग करना चाहिए।
एलोवेरा का प्रयोग :- यह बात कम लोग ही जानते है कि एलोवेरा शारीरिक सुंदरता देने के साथ-साथ प्रदूषण से रक्षा करने में सहायक होता है। एलोवेरा एक ऐसा पौधा होता है जिसे ज्यादा-से-ज्यादा मात्रा में अपने घर मे लगाने से आपके घर का प्रदूषण (pol lution) सोख लेता है, और आप प्रदूषण(pollution) से काफी हद तक बच जाते है। यदि आप चाहे, इसका सेवन भी कर सकते है।
होम स्टे एंड होम वर्क :- कोरोना के इस समय में घर मे रहकर काम करना काफी प्रचलित हो गया गई। ठीक इसी तरह जबतक आपको कोई ज्यादा जरूर काम न हो, तो घर पर ही रहिए और घर से काम कीजिये। यह एक अच्छा तरीका है , जिससे आप बच सकते है।
पानी का सेवन :- प्रदूषण(pollution) से बचने के लिए आपको ज्यादा-से-ज्यादा पानी पीना चाहिए। पानी पीना से फायदा होता है कि आपके शरीर मे जितनी गंदगी होती है वह मलमूत्र के द्वारा निकल जाती है। और पानी पीने से आपका पाचन तंत्र व इम्युनिटी मजबूत होती है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 3-4 लीटर पानी सेवन अवश्य करना चाहिए।
वाहन का कम-से-कम प्रयोग :- आधुनिकता से भरी इस दुनिया मे वाहन एक बहुत बड़ी सुविधा है, और जिसके हुम् आदि हो चुके है। यदि हम चाहे तो अपने छोटे-छोटे काम साइकिल से कर सकते है। इससे हमारा पेट्रोल/डीज़ल बचेंगे और पर्यावरण में प्रदूषण(pollution) का स्तर कम होगा। परंतु यह बात प्रत्येक इंसान को समझना चाहिए। इसका मतलब यह बिल्कुल नही है कि आप गाड़ी का प्रयोग ही बंद कर दे, बल्कि अपने कुछ कामो को साइकिल से भी कर सकते है और देश के जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य निभा सकता है।
पेड़-पौधों की रक्षा :- विकास के नाम पर इंसान हर रोज पेड़ो की अंधाधुन्द कटाई कर रहा है। जिससे प्रदूषण(pollution) का स्तर दिनप्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। भारत जैसे विकासशील देश मे हालात और भी खराब है। यहां विकास और पेड़ों को लगाने का काम आफिस की files पर ही दिखाई देता है। प्रदूषण से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पेड़-पौधे लगाने चाहिए।
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