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Wednesday, 24 March 2021

Plastic and its uses । प्लास्टिक क्या है तथा इसके उपयोग

 Plastic Kya hai - Plastic

प्लास्टिक (Plastic) एक बहु–उद्देश्यी कृत्रिम पदार्थ है. यह उच्च अणुभार वाला कार्बनिक पदार्थ है. जो रेजिन मे आवश्यकतानुसार अन्य पदार्थ जैसे – घोलक(Solvent)रंगवर्णक(Pigment)‚ मिलावे(Fillers)‚ एक सुघट्यकारी पदार्थ आदि मिलाये जाते है. रेजिन प्राकृतिक अथवा कृत्रिम होता है. कृत्रिम रेजिन फिनोल फार्मल्डिहाइड एवं यूरिया आदि के बहुलकीकरण तथा संघनन द्वारा तैयार किया जाता है.
प्लास्टिक को स्थायी तौर पर  Moulding द्वारा  अथवा उच्च ताप पर किसी आकृति मे ढाला जाता है. कुछ ऐसे प्लास्टिक भी होते है जिन्हे ठण्डी अवस्था में  भी इच्छित आकार मे ढाला जा सकता है. 

Plastic and its uses । प्लास्टिक क्या है तथा इसके उपयोग
Plastic




उपयोग (Uses) - 


  1. Table Tops के लिए Decorative Laminates बनाने के लिए.
  2. फर्नीचर बनाने मे.
  3. Roof Lighting प्राप्त करने के पारदर्शक चादर बनाने में.
  4. फर्श व दीवार की सजावटी आवरण सामाग्री बनाने मे.
  5. Rain Water Pipe  और Fittings  बनाने मे.
  6. Thermal Insulating Materials बनाने मे.
  7. सरेस(Adhesives) बनाने मे.
  8. विघुत वायरिंग के लिए कन्ड्यूट बनाने मे.
  9. नमीरोधी Film  बनाने मे.
  10. छतों के जलरोधन के लिए Plastic Sheet बिछाने में।

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Tuesday, 23 March 2021

What is Glass & Types of Glass । Glass क्या है । Studygo

What is Glass । कांच क्या है

कांच(Glass) एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग पदार्थ है. इसका प्रयोग प्राचीनकाल से होता आ रहा है. इतिहास से पता चलता है कि मिस्त्रवासी ईसा से लगभग 6000 वर्ष पूर्व ही कांच(Glass) का निर्माण कर चुके थे. आज कांच(Glass) विभिन्न प्रकार की वस्तुएं जिनमें दैनिक कार्यों मे प्रयुक्त होने वाले बर्तनों से लेकर श्रृंगार के लिए सुन्दर चूडिंया तथा वैज्ञानिक आदि जैसे उपकरणों को बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है. 

यह बहुत सख्त‚ सुन्दर‚ जलरोधी(Water Resistant) और टिकाउ पदार्थ है लेकिन यह भुंगर(Brittle) भी है. इसकी अपघर्षण सामर्थ्य अच्छी होती  है. और यह महंगा भी नहीं हाेता है. चिकना और सुन्दरता के कारण इसका भवनो मे ज्यादा किया जाता है.  इससे भवनो की सुंदरता मे चार चांद लग जाते है. 


What is Glass । कांच क्या है । StudyGo
Glass - कांच


Types of Glass - 

कांच(Glass) के घटकों तथा उनके अनुपातों मे परिवर्तन करके विभिन्न  प्रकार के कांच(Glass) बनाये जाते है.  जो निम्न प्रकार है –

  • Crown Glass - यह निम्न श्रेणी का कांच(Glass) होता है. इस कांच को बनाने के लिए सोडाएल्युमिना तथा पुराने कांच के टुकडो का प्रयोग किया जाता है. इसका प्रयोग कांच के गिलास‚बोतल‚ बल्ब के खोल आदि को बनाने के लिए किया जाता है.
  • Sheet Glass - यह कांच(Glass) सिलिकासोडाचूनाएल्युमिना और पुराने  कांच के टुकडो  को मिलाकर किया जाता है. इसका प्रयोग looking mirror‚ दरवाजाे व खिडकियो मे किया जाता है.
  • Flint Glass - इस कांच को बनाने के लिए पोटाश‚ सोडा‚ एल्युमिना आदि को मिलाकर किया जाता है. इस पाॅलिश अच्छी की जाती है. इसे सामान्यतः 1.75 मी से 1.10 मी माप की 2 से 6  मिमी मोटी तक बनाया  जाता है. इसका प्रयोग रेडियो के बल्ब‚ अच्छी प्रकार की गिलास‚ लैंस बनाने मे किया जाता है.
  • Pyrex Glass - इस कांच को बनाने के आपको सोडा‚ चूना‚ एल्यंमिना  तथा बोरेक्स की जरूरत पडती है. इसके अतिरिक्त थोडा पोटाश और मैग्नीशिया का प्रयोग भी किया जाता है. यह कांच ताप–सह  होता है तथा उच्च ताप परिवर्तनो को सहन कर सकता है. इसका का प्रयोग मुख्यतः प्रयोगशाला मे उपयोग होने वाले उपकरणों मे किया जाता है.
  • Anealing Glass - साधारण कांच आघात को सहन नहीं कर सकता है इसी लिए कांच को Anealing करके मजबूत बनाया जाता है. Anealing  प्रक्रिया के फलस्वरूप कांच बहुत ज्यादा मजबूत हो जाता है. 
  • Safety Glass - इस कांच(Glass) को बनाने के लिए कांच की दो परतो को प्लास्टिक की पारदर्शी परत के उपर इन दो कांचो को Paste कर दिया जाता है जिससे यह टूटने पर छिटकता नही है. इसका प्रयोग वाहनो मे  अधिक किया जाता है.
  • Reinforced or Wired Glass - इस कांच(Glass) को बनाते समय बीच मे ही तारो को डालकर  Reinforcing कर दी  जाती है जिससे यह टूटने पर छिटकता नही है. यह कांच काफी मजबत होता है.
  • Coloured Glass  -  कांच को रंगीन कांच(Coloured Glass) बनाने के लिए धातु आक्साइडो का प्रयोग किया जाता है जिससे कि रंगीन कांच(Coloure Glass) हो जाती है और अपने अनुसार इच्छित रंग मे कांच को प्राप्त कर सकते है. इस कांच का प्रचलन बहुत ज्यादा बढ गया है और इसको प्रयोग भवनो मे ज्यादा किया जाता है.
  • Frosted Glass -  इस कांच(Glass) एक तरफ से घिसा कर बनाया जाता है जिससे यह कांच अपारदर्शी हो जाता है. इस कांच का प्रयोग privacy purpose  के लिए ज्यादा किया जाता है. इस कांच को एक तरफ से घिस देने के कारण इसे Grounded Glass(ग्राउन्डेड कांच) बोला जाता है. 
  • Bullet Proof Glass इस कांच(Glass) का प्रयोग सुरक्षा की दृष्टि से किया जाता है. इस कांच का प्रयोग सिर्फ वही लोग करते है तो special persons होते है. आम आदमी इस कांच का प्रयोग नहीं करता है. यह कांच बेहद मजबूत होती है ओर यह बन्दूक की गोली को आर पार जाने नही  देती है. इसी कारण इसे Bullet  Proof Glass कहा जाता है. 
मैं आपसे उम्मीद करता हूं कि मेरी ये Post आपको अच्छी लगी होगी और अगर आपको लगता है कि इसमे किसी भी तरह की त्रुटि है‚ तो Please Comment जरूर करे.

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Tuesday, 22 December 2020

Indus Valley Civilization | Indus valley - studygo in hindi


What is harappa civilization | indus civilization
Indus Valley Civilization Dhaulavira

सिधुं घाटी सभ्यता का नाम सुनते ही हमारे मन मे हजारो civilization पुराना जीवन याद आने लगता है. तो आज मै आपको सिधुं घाटी के बारे जानकारी देने का प्रयत्न करता हूं. तो आइए दोस्तो शुरू करते है...

आज हम निम्न बिंदुओ पर बात करेंगे और समझेगे

  • What is Indus Valley Civilization (सिंधु घाटी सभ्यता क्या है)
  • सिंधु घाटी सभ्यता की विशेषता
  • वहां के लोगो का lifestyle
  • Indus valley civilization का विस्तार


What is Indus Valley Civilization - सिंधु घाटी सभ्यता 


सिधुं घाटी सभ्यता विश्व की प्राचीन सभ्यताओ मे से एक है यह सभ्यता काफी और चर्चित है. सिधुं घाटी सभ्ता 3300 ई.पू. से 1700 ई.पू. तक मानी जाती है. विश्व की जानीमानी पत्रिका नेचर मे कहा गया है कि सिधुं घाटी की सभ्यता 8000 वर्ष पुरानी है. सिंधु घाटी सभ्यता को हडप्पा सभ्यता(Harappa Civilization)  के नाम से भी जाना जाता है. इस सभ्यता का विकास सरस्वती नदी के किनारे माना जाता है. 

सन् 1859–1856 मे लाहौर से कराची के बीच रेलवे लाइन बिछाने का  काम चल रहा था. कनिंघम के नेतृत्व मे दो भाई काम कर रहे थे  उनका नाम बर्टन बंधु था‚ उनका इसकी तरफ ध्यान गया कि ज्यादा मात्रा ईटे निकल रही है‚ लेकिन फिर से इसे नजरअंदाज कर दिया गया. सन् 1921 मे बहुत बडे स्तर पर खुदई का काम चालू हुआ जिसमे पूरा का पूरा शहर निकला. 

भारत और पाकिस्तान को मिलाकर सन् 1947 तक 40 साइटो को खोजा जा चुका है. अब तक की बात करे तो लगभग 1400–1500 साइटो को खोजा जा चुका है.


विशेषता (Town Planning)


इस सभ्यता मे नगरो का दो या दो से अधिक भागो मे बाटां गया था. प्रायः पश्चिमी भाग छोटा था‚ किंतु उंचाई पर बसा था और पूर्वी भाग निचला था. पुरातत्व विदो ने पश्चिमी भाग को नगर दुर्ग कहा तथा पूर्वी भाग को निचला नगर कहा. पश्चिमी भाग मे नगर के पुरोहित‚ धनी तथा शासकीय लोग रहा करते थे तथा पूर्वी भाग जो निचला नगर था वहां जनता निवास करती थी. नगर की बाउंड्री अच्छी तरह से पक्की ईटो की बनी हुई थी. इस सभ्यता के नगर एक या दो मंजिल के हुआ करते थे और घर मे स्नानागार भी हुआ करते थे‚ जिसके चारो ओर कमरे बने होते थे और कुंए भी हुआ करते थे.

सिंधु घाटी सभ्यता(हडप्पा सभ्यता) के कुछ नगरों मे ढके हुए नाले हुआ करते थे जिनको एक सीध मे हल्का ढलान देकर बनाया जाता था. घर‚ सडकों तथा नाले का विकास योजनाबद्ध तरीके से एक साथ किया जाता था. 

नगरीय जीवन (Life style)


इस सभ्यता के नगरों मे बडी हलचल हुआ करती थी. ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि वहां शासक लोगों को दूर–दूर तक भेजकर धातु‚ बहुमूल्य पत्थर और उपयोगी चीजे मंगवाते थे‚ शायद शासक सोने–चांदी और बहुमूल्य धातुओं से बने आभूषणाें को पहनना और अपने पास रखना पसंद करते हो. इन नगरों मे लिपिक भी हुआ करते थे‚ जो मोहराें पर तो लिखते ही थे‚ परंतु अन्य वस्तुओ पर भी लिखते थे‚ जो आज इस समय बच नही पायी है. 

सिंधु घाटी सभ्यता का विस्तार 


Indus valley civilization (Harappa civilization) का विस्तार बहुत बड़ा है. अगर बात करे तो जम्मू और कश्मीर के मांडा से लेकर महाराष्ट्र के दैमाबाद तक 1400 किलोमीटर में फ़ैली है. और  उत्त्तर प्रदेश के आलमगीर पुर से लेकर पाकिस्तान के बलूचिस्तान तक 1600 किलोमीटर में फैली है. इसकी तटवर्तीय लंबाई 1300 किलोमीटर है. आप चित्र में देखकर आसानी से समझ सकते है. 

Indus valley civilization in hindi


इस पोस्ट के माध्यम से मैने पूरी कोशिश की  है कि आपको  सिंधु घाटी सभ्यता के  बारे जानकारी दे सकूं‚ लेकिन यदि  फिर भी कोई त्रुटि हो गयी हो तो आप ई–मेल  कर सकते है.
धन्यवाद.............





















































































































































Sunday, 13 December 2020

Stone Age / What is Stone Age - StudyGo

 Stone Age Time Period -

Stone Age Time Period and time line


There were three types of Stone Age Which are as follows:-

  1. Old Stone Age 
  2. Middle Stone Age
  3. New Stone Age

Types of Stone Age :- 

  1. Paleolithic Time Period or Old Stone Age(3000 BCE to 10000 BCE)
  2. Mesolithic Time Period or Middle Stone Age(10000 BCE to 8000 BCE)
  3. Neolithic Time Period or New Stone Age (8000 BCE to 3000 BCE)

Important Facts :-

  • Hunting was the main living source of Old Stone Age.
  • Around 36000 B.C. back human had become in form. It is also known as Homo-Sepians.
  • The pet of human was Dog Which was in Middle Stone age.
  • Human knew about fire from Old Stone Age but it had become in use by New Stone Age.
  • Firstly the Institute of Stone Age culture was established by Robert Boose Foot in India.(1863)
  • Bones weapons were found from Bihar in New Stone Age.
  • Firstly the metal used in weapon  was copper moreover human knew Firstly the the metal name as copper.
  • Wheel was introduced in New Stone Age.
  • Firstly the clue of Agriculture  found from Mehargarh. (Pakistan) 
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Keywords (कीवर्ड) | What are keywords - studygo

What is keywords? Keywords Research कैसे करे? जैसे कई सारे प्रश्न आपके दिमाग आते ही होंगे. आज मैं आपके इन्ही प्रश्नों का उत्तर पूरी तरह से ...